
15 अगस्त भारत के इतिहास में वह दिन है जब 1947 मे हमारा देश अंग्रेजो की गुलामी से मुक्त हुआ था 2025 में हम 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे है और यह अवसर हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है।
हमारी आजादी यू ही नही मिली इसके पीछे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग और बलिदान है महात्मा गांधी भगत सिंह सुभाष चंद्र बोस झांसी की रानी चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों ने अपना सर्वस्व देश को समर्पित कर दिया।
स्वतंत्रता की लडाई क्या थी

भारत में अंग्रेजों का शासन लगभग 200 साल 1957 से 1947 तक रहा।
अंग्रेजों ने भारत पर जबरन कब्जा किया और देश की संपत्ति को लूटा।
अंग्रेजों ने भारतीयों को दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया।
इस अन्याय के खिलाफ ही भारत के लोगों ने संगठित होकर स्वतंत्रता की लडाई लडी यह केवल युद्व नहीं था बल्कि इसमें अहिंसा आंदोलन क्रांति और बलिदान सब कुछ शामिल था।
संघर्ष – आजादी पाने का कठिन रास्ता

1857 की क्रांति प्रथम स्वतंत्रता संग्राम – मंगल पांडे और अन्य सैनिको ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ विद्रोह किया यह क्रांति असफल हुई लेकिन आजादी की चिंगारी भडका दी।
असहयोग आंदोलन 1920 – महात्मा गांधी ने अंगे्रजो का साथ न देने की अपील की विदेशी कपडों का बहिष्कार सरकारी नौकरियों से इस्तीफा।
सविनय अवज्ञा आंदोलन 1930 – गांधी जी ने नमक सत्याग्रह किया अंग्रेजो के बनाए कानूनों का शांतिपूर्ण तरीक से उल्लंघन।
भारत छोडो आंदोलन 1942 – नारा अंग्रेजो भारत छोडो यह आजादी की लडाई का अंतिम बडा आंदोलन था।
बलिदान – आजादी के लिए दी गई जान की कुर्बानी – कुछ प्रमुख बलिदानी भगत सिंह सुखदेव राजगुरू – लाहौर षड्यंत्र केस में फासी देश के लिए अपनी जान हॅसते-हॅसते दे दी।
चंद्रशेखर आजाद – अंग्रेजो से लडते-लडते शहीद हो गए आखिरी गोली खुद का मारी पकडे नहीं गए।
रानी लक्ष्मीबाई झासी की रानी – 1857 की क्रांति में वीरता से लडी युद्ध में वीरगति पाई।
सुभाष चंद्र बोस – आजाद हिंद फौज बनाई और अंगे्रजो के खिलाफ लडाई की नारा तुम मुझे खून दो मै तुम्हें आजादी दूगा।
15 अगस्त सन 1947 को मिली आजादी
हजारों क्रांतिकारियों के संघर्ष और बलिदान से भारत को 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली पंडित जवाहरलाल नेहरू ने आजादी का पहला भाषण दिया
स्वतंत्रता दिवस समारोह का आयोजन
देशभर में 15 अगस्त को झंडारोहण देशभक्ति गीत भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया जाता है स्कूल कालेज सरकारी कार्यालयों और सामाजिक संस्थाओं में उत्सव का माहौल होता है।
लाल किले से प्रधानमंत्री का संबोधन

हर साल की तरह इस साल भी प्रधानमंत्री लाल किले से तिरंगा फहरायेंगे और देश को संबोधित करेंगे वह देश की उपलब्धियों योजनाओं और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालेंगे।
देश की सैन्य शक्ति और परेड
दिल्ली में सेना नौसेना और वायुसेना के जवानों द्वारा भव्य परेड का आयोजन होता है यह हमारी सैन्य शक्ति और देशभक्ति की भावना का प्रतीक होता है।
नई पीढी के लिए आजादी का महत्व
आज के बच्चों और युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे स्वतंत्रता के मूल्य को समझें और उसका सम्मान करें उन्हें यह जानना चाहिए कि यह आजादी किन कठिनाइयों से प्राप्त हुई।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे बढाने की अपील की देश को आर्थिक तकनीकि और वैज्ञानिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कार्य किए जा रहे है।

विज्ञान और तकनीक मे भारत की प्रगति
भारत अब केवल कृषि प्रधान देश नहीं बल्कि तकनीक और अंतरिक्ष में भी अग्रणी बन चुका है ईसरो डी0आर0डी0ओ0 और अन्य संस्थाओं ने देश का नाम विश्व में उॅचा किया है।
मेहनतकश नागरिकों का योगदान
देश की तरक्की मे किसान मजदूर शिक्षक डाक्टर सैनिक इंजीनियर और हर वर्ग का योगदान अमूल्य है 15 अगस्त उन्हें सम्मान देने का भी दिन है।
संविधान और लोकतंत्र का सम्मान
स्वतंत्रता के बाद हमने अपना संविधान बनाया जो हर नागरिक को समान अधिकार देता है यह दिन हमें संविधान और लोकतंत्र की रक्षा की शपथ लेने का दिन भी है।
भाईचारे और एकता का संदेश

भारत विविधताओं का देश है – भाषा धर्म संस्कृति सब अलग होते हुए भी हम एक है स्वतंत्रता दिवस यह सिखाता है कि एकता में ही शक्ति है।
शिक्षण संस्थानों की सजावट और भाषण
स्कूलों और कालेजों में छात्र देशभक्ति भाषण देते है कविता पाठ करते है और झांकिया निकालते है। बच्चों में देशपे्रम की भावना जागृत होती है।
बच्चों द्वारा चित्रकला और नाटक
15 अगस्त पर बच्चों द्वारा बनाई गई तिरंगे की चित्रकला स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित नाटक और कविताए लोगों के मन को छू लेती है।
आने वाला भविष्य भारत 2047 में

प्रधानमंत्री का भारत 2047 विजन जिसमें भारत को दुनिया की प्रमुख महाशक्तियों में लाना है यह भविष्य निर्माण का संकल्प लेने का भी दिन है।
हम सबका कर्तव्य – देशभक्ति को कर्म में बदलें
सच्ची देशभक्ति केवल नारे लगाने से नहीं बल्कि अपने कार्यो ईमानदारी और कर्तव्य पालन से दिखती है। हम सबका यह कर्तव्य है कि हम भारत को और भी बेहतर बनाएं।
देशवासियों के नाम संदेश
भारत की स्वतंत्रता केवल एक तारीख नहीं बल्कि लाखों लोगों की कुर्बानी संघर्ष और दृढ संकल्प का परिणाम है।
हमें आजादी मुफत में नहीं बल्कि बलिदान और संघर्ष से मिली है हमें इसे बचाना है और आने वाली पीढियों को इसका मूल्य समझाना है।